दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन की पार्किंग में शनिवार को उस समय भारी हंगामा और हिंसा हुई, जब पार्किंग शुल्क को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि पार्किंग कर्मियों ने भिलाई के एक भाजपा नेता और उनके परिवार के साथ अभद्रता करते हुए चलती कार पर पत्थरबाजी की, जिससे कार में बैठी एक मासूम बच्ची घायल हो गई। जीआरपी पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?

भिलाई के वृंदानगर निवासी और शासकीय स्कूल के शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शंभु प्रसाद कुशवाहा शनिवार को अपनी बेटी और दामाद को लेने दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उनका परिवार जम्मूतवी एक्सप्रेस से जबलपुर से वापस लौटा था। स्टेशन से बाहर निकलते समय पार्किंग गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने उनसे शुल्क की मांग की।
भाजपा नेता का तर्क था कि वे वहां रुके नहीं थे, बल्कि सिर्फ पिक-अप करने आए थे और नियमानुसार तुरंत निकलने पर शुल्क देय नहीं होता। इसी बात को लेकर कर्मचारियों और नेता के बीच बहस शुरू हो गई।
चलती कार पर पथराव, बच्ची के मुंह से निकला खून

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार, जब विवाद बढ़ा तो शंभु कुशवाहा ने अपनी कार आगे बढ़ा दी। इसी दौरान पीछे से पार्किंग में मौजूद 4-5 युवकों ने कार पर भारी पत्थर फेंका। पत्थर लगने से कार का पिछला कांच चकनाचूर हो गया और कांच के टुकड़े कार में बैठी शंभु कुशवाहा की मासूम नातिन को जा लगे। पत्थर की चोट और कांच लगने से बच्ची के मुंह से खून बहने लगा, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।
बेल्ट और जूतों से मारपीट का आरोप
हमला यहीं नहीं रुका। जब परिवार कार से नीचे उतरा, तो हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें घेर लिया। शंभु कुशवाहा ने बताया कि:
"वहां मौजूद लोग नशे में धुत थे और उनमें से किसी ने भी वर्दी नहीं पहनी थी। उन्होंने मेरे दामाद के साथ धक्का-मुक्की की और बेल्ट निकालकर मारने की कोशिश की। कुछ लोग जूते-चप्पलों से भी हमला कर रहे थे।"
बाद में वहां मौजूद अन्य यात्रियों और राहगीरों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।
पुलिस की कार्रवाई: BNS की धाराओं में केस दर्ज
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने दुर्ग जीआरपी चौकी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात 4-5 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
धारा 324(2): शरारत और नुकसान पहुंचाना।
धारा 296: अश्लील कृत्य और गाली-गलौज।
धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुंचाना।
धारा 3(5): संयुक्त उत्तरदायित्व (साझा इरादा)।
पुलिस का बयान: जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी गई है। रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की गुंडागर्दी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


