खैरागढ़. जिला मुख्यालय से लगे ग्राम संडी के आश्रित ग्राम मुड़पार में वर्षों पुरानी धरसा सड़क पर कब्जा करने का गम्भीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने जमीन मालिक और जमीन दलाल की मिलीभगत से सार्वजनिक मार्ग को निजी भूमि में शामिल करने का आरोप लगाया है। यह सड़क खैरागढ़–धमधा मुख्य मार्ग को ग्राम मुड़पार से जोड़ती है और ग्रामीणों के अनुसार पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से आवागमन का प्रमुख साधन रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग का उपयोग वे खेतों तक पहुंचने और मुड़पार आने-जाने के लिए नियमित रूप से करते रहे हैं। आरोप है कि जमीन मालिक प्रहलाद जंघेल और जमीन दलाल कुलेश्वर सिन्हा द्वारा इस धरसा सड़क पर कब्जा कर बाउंड्रीवाल निर्माण कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का रास्ता अवरुद्ध हो रहा है। जैसे ही निर्माण की सूचना मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और गांव की पंच पूर्णिमा रजक व ग्राम कोटवार मौके पर पहुंचे और कब्जे का विरोध किया।
विवाद के बीच जमीन मालिक प्रहलाद जंघेल और दलाल कुलेश्वर सिन्हा ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मौके पर राजस्व निरीक्षक द्वारा विधिवत नाप-जोख और सीमांकन किया गया है। “राजस्व विभाग ने जहां तक हमारी जमीन बताई है, हम वहीं तक बाउंड्रीवाल लगा रहे हैं। जिस धरसा सड़क की बात ग्रामीण कर रहे हैं, वह हमारी जमीन के पीछे स्थित है,” उन्होंने कहा। उनका यह भी दावा है कि सीमांकन के समय सरपंच मौके पर मौजूद थे और यदि कोई आपत्ति होती तो उसी समय दर्ज कराई जा सकती थी।
मामले में अब सरपंच का बयान भी सामने आया है। सरपंच ने बताया कि जिस दिन राजस्व निरीक्षक सीमांकन के लिए आए थे, उस दिन वे स्वयं मौके पर मौजूद थे और कुछ ग्रामीण भी साथ थे। उन्होंने कहा कि जमीन मालिक द्वारा बताई गई सीमा से आगे बढ़कर बाउंड्रीवाल कराए जाने की शिकायत सामने आई है। “कल विवाद के बाद मैंने पटवारी और राजस्व निरीक्षक को एक बार फिर सीमांकन और नाप-जोख के लिए बुलाया है। अब सभी ग्रामीणों और जमीन मालिक की मौजूदगी में दोबारा नाप-जोख कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी,” सरपंच ने कहा।
इधर ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि सार्वजनिक मार्ग को यथावत नहीं छोड़ा गया और उन्हें आने-जाने में बाधा उत्पन्न हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति है और सभी की नजरें आगामी सीमांकन पर टिकी हैं, जिससे यह तय हो सके कि धरसा सड़क सार्वजनिक है या निजी भूमि का हिस्सा।




