छुईखदान/खैरागढ़. जिला केसीजी के थाना छुईखदान अंतर्गत पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी युवराज यादव पिछले कुछ समय से नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था।
मुख्य हाइलाइट्स:
आरोपी: युवराज यादव (23 वर्ष), निवासी ग्राम झुरानाडी।
कार्रवाई: बीएनएस की धारा 64(2)(ड), 96, 137(2) और पाक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज।
लोकेशन: मुखबिर की सूचना पर हैदराबाद से हुई गिरफ्तारी।
मामले का विवरण: बहला-फुसलाकर ले गया था हैदराबाद
घटना की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता के पिता ने थाना छुईखदान में अपनी नाबालिग पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने संदेह जताया था कि ग्राम झुरानाडी निवासी युवराज यादव, पिता अमिलाल यादव ने उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर अपहरण कर लिया है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता और पीड़िता के नाबालिग होने के कारण तत्काल अपराध क्रमांक 78/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की। एसपी के निर्देशानुसार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस की छापेमारी और बरामदगी
विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी पीड़िता को लेकर हैदराबाद भाग गया है और वहां उसे छिपा कर रखा है। छुईखदान पुलिस की एक विशेष टीम तत्काल हैदराबाद रवाना हुई, जहां घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया और पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया।
पूछताछ में हुआ सनसनीखेज खुलासा
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ और पीड़िता के विस्तृत बयानों में यह बात सामने आई कि:
आरोपी युवराज यादव यह जानते हुए भी कि बालिका नाबालिग है, उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया।
शादी का झूठा वादा कर उसे घर से भगा ले गया।
लगातार डरा-धमकाकर और जबरदस्ती उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
कानूनी कार्रवाई
पीड़िता के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में धारा 64(2)(ड) (बलात्कार), 96 (अपराध करने का प्रयत्न) और धारा 6 पाक्सो एक्ट (गंभीर मर्मभेदी यौन हमला) को जोड़ा है।
"महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध हमारी नीति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।" — थाना प्रभारी, छुईखदान



