खैरागढ़. खैरागढ़ ब्लाक के ग्राम सलौनी में सिंचाई विभाग द्वारा बनवाई जा रही नहर लाइनिंग परियोजना में गंभीर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस परियोजना के लिए दो करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत थी, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की मात्रा घटाकर दीवारों का निर्माण किया है, जिससे नहर की दीवारें कमजोर और असुरक्षित बन गई हैं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि चार माह के भीतर ये दीवारें धराशायी हो सकती हैं। क्षेत्रीय जनपद सदस्य खेमराज जैन ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के बीच सांठगांठ हो रही है। उन्होंने बताया कि परियोजना में निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्टीमेट के अनुसार नहीं किया जा रहा और नहर के आसपास कोई सड़क मार्ग भी नहीं बनाया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद यह परियोजना केवल खानापूर्ति के लिए की जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगें मनवाने को बाध्य होंगे।

इस मामले में जिला कलेक्टर, खैरागढ़ के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ परियोजना के खर्च की वसूली भी की जाए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटिया सामग्री और लापरवाही के कारण करोड़ों रुपए का व्यय व्यर्थ जा सकता है और परियोजना का मूल उद्देश्य—ग्रामवासियों और किसानों तक पानी पहुंचाना—पूरा नहीं होगा। इस पूरे मामले ने क्षेत्र में चर्चा और तनाव बढ़ा दिया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान रविंद्र वर्मा, पूरानिक वर्मा, रुमन लाल बर्मन, चैन कुमार साहू, अनिल वर्मा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

