खैरागढ़. जनपद पंचायत खैरागढ़ अंतर्गत जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मुतेड़ा नवागांव में स्कूल के शौचालय निर्माण और मरम्मत कार्य को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की सरपंच गीतांजलि देवांगन पर निर्माण कार्य में मनमानी करने और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग कराने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की सब इंजीनियर गंगा कौशिक ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग के निर्देश दिए।


जानकारी के अनुसार गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला के शौचालय की मरम्मत के लिए करीब 40 हजार रुपए तथा माध्यमिक शाला में शौचालय निर्माण के लिए करीब 60 हजार रुपए की लागत निर्धारित है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों कार्यों में साफ एवं निर्धारित गुणवत्ता की रेत के बजाय गांव की नदी से निकाली गई रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस रेत में मिट्टी की मात्रा अधिक होने के कारण इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा निर्माण में काली ईंट के स्थान पर लाल ईंट का उपयोग किए जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
निरीक्षण के बाद भी नहीं तोड़ा गया निर्माण
ग्रामीणों की शिकायत के बाद सब इंजीनियर गंगा कौशिक मौके पर पहुंचीं और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। बताया गया कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने सरपंच को गुणवत्तापूर्ण और साफ रेत सहित निर्धारित गुणवत्ता की निर्माण सामग्री का उपयोग करने की सख्त हिदायत दी। साथ ही अब तक किए गए गुणवत्ताहीन निर्माण को ध्वस्त कर दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों का कहना है कि निरीक्षण और निर्देश के बावजूद अब तक कथित रूप से गुणवत्ताहीन निर्माण को ध्वस्त नहीं किया गया है।
पहले मंदिर के कांक्रीटीकरण के लिए लाई गई थी रेत
ग्रामीणों के अनुसार जिस नदी की रेत को लेकर विवाद सामने आया है, उसे पहले गांव के शीतला मंदिर के पास होने वाले कांक्रीटीकरण कार्य में उपयोग के लिए लाया गया था। रेत की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने उस समय आपत्ति जताते हुए इसका विरोध किया था। विरोध के बाद यह रेत वहीं पड़ी रही। अब आरोप है कि इसी रेत का इस्तेमाल स्कूल के शौचालय निर्माण और मरम्मत कार्य में किया जा रहा है।
नोटिस की कार्रवाई की बात
मामले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की सब इंजीनियर गंगा कौशिक ने कहा कि सरपंच को दोबारा अच्छी गुणवत्ता की रेत का उपयोग कर निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सरपंच को नोटिस देने की कार्रवाई भी की जाएगी। अब देखना होगा कि विभागीय निर्देशों के बाद निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है और पूर्व में किए गए निर्माण को कब तक हटाकर दोबारा बनाया जाता है।


