खैरागढ़. सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को गोल्डन आवर में त्वरित और जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में PM-RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने जिले के सभी निजी अस्पतालों को योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उपचार का खर्च सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) के माध्यम से संबंधित अस्पतालों को दिया जाएगा।
निजी अस्पतालों का पंजीयन अनिवार्य
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को PM-RAHAT योजना के तहत अनिवार्य रूप से सेल्फ-रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए हैं। संस्था प्रमुख को आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होकर अथवा निर्धारित पोर्टल के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
हर अस्पताल में बनेगा PM-RAHAT काउंटर
योजना के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक निजी अस्पताल में PM-RAHAT हेल्प डेस्क/काउंटर स्थापित करना अनिवार्य होगा। यहां तैनात नोडल अधिकारी घायल मरीजों और उनके परिजनों को योजना की जानकारी देने के साथ TMS 2.0 (Transaction Management System) पर केस दर्ज करेंगे और उपचार प्रक्रिया को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाएंगे।
112, 108 और 102 से रहेगा सीधा समन्वय
दुर्घटना की सूचना मिलते ही घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के लिए 112 (ERSS), 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरीज की डिजिटल प्रविष्टि को पुलिस के eDAR (Electronic Detailed Accident Report) पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित समय में पारदर्शी तरीके से पूरी करने का प्रावधान है।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात कही है। दुर्घटना पीड़ितों को योजना के प्रावधानों के अनुरूप उपचार देने से इनकार करने अथवा पंजीयन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अस्पताल के विरुद्ध लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने Clinical Establishment Act तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के प्रावधानों के अनुरूप दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
दुर्घटना में तुरंत 112 या 108 पर करें कॉल
CMHO ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल 112 या 108 पर सूचना दें और घायल व्यक्ति को नजदीकी पंजीकृत अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। विभाग ने नागरिकों से ‘राह-वीर’ (Good Samaritan) की भूमिका निभाते हुए दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने का आह्वान किया है, ताकि गोल्डन आवर में उपचार मिलने से बहुमूल्य जीवन बचाया जा सके।


