रायपुर. भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने संगठनात्मक स्तर पर मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा करते हुए कई अहम बदलाव किए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मारकंडे ने 31 अगस्त को मोर्चा प्रभारियों की नियुक्ति का आदेश जारी किया। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
इस घोषणा को छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार इस बार मोर्चा प्रभारियों की नियुक्ति में कुछ ऐसी व्यवस्थाएं देखने को मिली हैं, जो छत्तीसगढ़ में पहली बार हुई हैं।
सबसे खास बदलाव महिला मोर्चा में हुआ है। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी पहली बार किसी महिला नेता के बजाय पुरुष नेता सुभाष तिवारी को सौंपी गई है। इसी तरह अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा की जिम्मेदारी शिरीष अग्रवाल को दी गई है। इससे पहले इस मोर्चे के प्रभारी ST समाज से ही बनाए जाते रहे हैं।
वहीं अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा की जिम्मेदारी डॉ. गुलाब टिकरिहा को सौंपी गई है। इससे पहले SC मोर्चे का प्रभारी भी SC समाज से ही बनाए जाने की परंपरा रही है। इस तरह ST और SC मोर्चों में भी इस बार परंपरागत व्यवस्था से अलग नियुक्तियां की गई हैं।
जारी सूची में युवा मोर्चा के प्रभारी श्री वैभव बैस, किसान मोर्चा के प्रभारी श्री पूनम चंद्राकर, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रभारी श्री लखनलाल साहू तथा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी श्री मनोज जैन बनाए गए हैं।
सात मोर्चों की जिम्मेदारी तय
युवा मोर्चा — वैभव बैस
महिला मोर्चा — सुभाष तिवारी
किसान मोर्चा — पूनम चंद्राकर
पिछड़ा वर्ग मोर्चा — लखनलाल साहू
अनुसूचित जनजाति मोर्चा — शिरीष अग्रवाल
अनुसूचित जाति मोर्चा — डॉ. गुलाब टिकरिहा
अल्पसंख्यक मोर्चा — मनोज जैन
भाजपा की इस नई नियुक्ति से संगठन के विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी की गतिविधियों और समन्वय को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर महिला, ST और SC मोर्चों में किए गए बदलावों को संगठन की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।


