खैरागढ़. किसानों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और वैध कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने अवैध कीटनाशकों के भंडारण एवं विक्रय के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में 7 सितंबर को खैरागढ़ के दो कृषि केंद्रों में जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उनके कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए दोनों प्रतिष्ठानों को सीलबंद कर दिया गया।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी के मार्गदर्शन में कीटनाशक निरीक्षक वीरेंद्र डहरिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी खैरागढ़ तथा सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू की टीम ने कृषि समाधान केंद्र और जैविक प्रचार कृषि केंद्र, खैरागढ़ का औचक निरीक्षण किया।

जांच में दोनों केंद्रों पर बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के कीटनाशकों का विक्रय, भंडार पंजी का संधारण नहीं करना, वैध प्रमाण-पत्र को निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं करना तथा प्रमाण-पत्र में भंडारण स्थल का उल्लेख नहीं होने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
मामले में कीटनाशक अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशक नियम, 1971 के प्रावधानों के तहत दोनों केंद्रों के कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया। साथ ही कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर प्रतिष्ठानों को सीलबंद किया गया है। संबंधित संचालकों को निर्धारित समयावधि में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित में गुणवत्तापूर्ण और मानक कृषि आदान की उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। अवैध भंडारण, विक्रय और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जिले में सघन जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा दोषी कृषि आदान विक्रेताओं पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


