खैरागढ़. जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत अवेली में शासकीय भूमि को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर जहां ग्रामवासियों ने सरपंच और उनके पुत्र पर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर अतिक्रमण हटाने के दौरान मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोपों को लेकर सरपंच पक्ष ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पूरे मामले ने प्रशासनिक और कानूनी रूप ले लिया है।
ग्रामवासियों द्वारा कलेक्टर कार्यालय, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला, में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत अवेली की वर्तमान सरपंच दुर्गा बाई सेन, उनके पति भरतलाल सेन तथा पुत्र नरेन्द्र सेन द्वारा लगभग 20 डिस्मिल शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मकान निर्माण और बाड़ी बनाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी भूमि को खाली कराए बिना सरपंच पुत्र द्वारा अन्य ग्रामीणों को वर्षों पुराने कब्जे हटाने का दबाव बनाया जा रहा है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि ईश्वरीलाल साहू, महेश साहू, धनेश साहू, कोमल और रामकुमार साहू के परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से जिस भूमि पर काबिज हैं, उसे कोठार भूमि बताकर हटवाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि आवासीय क्षेत्र में आती है और ग्रामसभा व पंच भी वहां तालाब निर्माण के पक्ष में नहीं हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि सरपंच स्वयं कथित अवैध कब्जा हटाती हैं, तो अन्य लोग भी अपना कब्जा हटाने को तैयार हैं।
वहीं, सरपंच और उनके पुत्र ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्राम के कुछ लोगों—महेश साहू, धनेश साहू, रामकुमार साहू और ईश्वरीय साहू—द्वारा वार्ड पंच नरेन्द्र सेन के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। सरपंच का आरोप है कि ईश्वरीय साहू ने उनका हाथ पकड़कर अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना के बाद दोनों पक्षों ने जालबांधा थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इधर, गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनी रह सके।


