खैरागढ़. खैरागढ़ से कवर्धा मार्ग (स्टेट हाईवे क्रमांक-05) निर्माण में भारी भ्रष्टाचार और लोक निर्माण विभाग (PWD) की उदासीनता को लेकर क्षेत्र में उबाल है। करोड़ों की लागत से बनी सड़क महज दो साल में ही छलनी हो गई है। विभागीय अधिकारियों द्वारा ठेकेदार पर कार्रवाई करने के बजाय उसे 'संरक्षण' देने के आरोपों के बीच अब यह मामला बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
मुख्य बिंदु: भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा
कुल स्वीकृत बजट: ₹639.10 लाख
अब तक किया गया भुगतान: ₹439.75 लाख
सड़क की लंबाई: लगभग 16 किमी
गारंटी अवधि (PG Period): 2 फरवरी 2029 तक
वर्तमान स्थिति: जगह-जगह गहरे गड्ढे, डामर की परतें गायब।
दो साल में उखड़ी 'करोड़ों की विकास गाथा'
जिला मुख्यालय को साल्हेवारा, गंडई और छुईखदान से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क का कार्यादेश 7 अगस्त 2021 को ठेकेदार संजय सिंधी को दिया गया था। कागजों में काम 3 फरवरी 2024 को पूर्ण दिखाया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि पूर्ण होने के कुछ महीनों बाद ही सड़क जर्जर हो गई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण के समय गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखा गया।
'थूक-पॉलिश' से खानापूर्ति, जनता में भारी नाराजगी

शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विभाग केवल औपचारिकता निभा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

"गड्ढों को भरने के नाम पर केवल 'थूक-पॉलिश' (सतही मरम्मत) की जा रही है जो दो दिन भी नहीं टिकती। ठेकेदार की परफॉर्मेंस गारंटी राशि जमा होने के बावजूद ठोस कार्रवाई न करना अधिकारियों और ठेकेदार के बीच 'आर्थिक सांठगांठ' की ओर इशारा करता है। अगर दोषी इंजीनियरों और ठेकेदार पर सख्त एक्शन नहीं हुआ, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेगी।"
मुख्य अभियंता की फटकार भी बेअसर?
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता (दुर्ग परिक्षेत्र) ने 18 मार्च 2026 को कार्यपालन अभियंता (EE) को कड़ी फटकार लगाई है। जारी ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि बार-बार निर्देश के बाद भी संधारण (Maintenance) नहीं होना 'कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही' है। विभाग ने दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जांच के घेरे में 4.39 करोड़ का भुगतान
जागरूक नागरिकों और विपक्ष ने सवाल उठाया है कि जब सड़क की गुणवत्ता इतनी निम्न स्तर की थी, तो ₹4.39 करोड़ का भुगतान कैसे कर दिया गया? मांग की जा रही है कि भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और संबंधित अधिकारियों की संपत्ति का भी ब्योरा खंगाला जाए।
अधिकारियों का पक्ष
"ठेकेदार को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।"
— पी. सिंह दीवान, कार्यपालन अभियंता (EE), PWD
अगली रणनीति: कांग्रेस और स्थानीय संगठनों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क का कायाकल्प शुरू नहीं हुआ और दोषियों पर एफआईआर या ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई नहीं हुई, तो खैरागढ़ की सड़कों पर जन-आंदोलन होगा।


