खैरागढ़. केसीजी के नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को विभागीय कार्यों और योजनाओं की अद्यतन जानकारी देने के लिए शुरू की गई मैराथन बैठकों की अगली कड़ी में 24 सितंबर को विज्ञान भवन खैरागढ़ में संकुल समन्वयकों (सीएसी) की बैठक ली। बैठक में जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षक व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिले के 79 संकुलों में से 71 संकुल समन्वयकों की उपस्थिति रही। इसके अलावा सहायक संचालक, समग्र शिक्षा के नोडल अधिकारी, बीईओ, एबीईओ और बीआरसी भी शामिल हुए। जिले में रिक्त 8 संकुल समन्वयकों के पदों के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से प्रस्ताव प्राप्त कर लिए गए हैं। शीघ्र ही इन पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बैठक में जिले की 41 एकल शिक्षकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं पर विशेष फोकस किया गया। प्राथमिक शालाओं के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संकुल के भीतर विद्यार्थियों के अनुपात के अनुसार अतिरिक्त शिक्षकों को आवश्यकता वाले एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ करने के प्रस्ताव मांगे गए। इसके तहत करीब 70 प्रतिशत एकल शिक्षकीय विद्यालयों की समस्या का समाधान कर लिया गया है। शीघ्र ही इस संबंध में आदेश जारी किए जाएंगे।
पोर्टल से लेकर स्कूल निरीक्षण तक हुई समीक्षा
बैठक में SHVR पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री कर जिले को राज्य रैंकिंग में प्रथम स्थान पर लाने, शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में इंस्पायर अवार्ड की अद्यतन स्थिति, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षक व्यवस्था तथा अनियमित उपस्थिति वाले प्राचार्य, प्रधान पाठक, शिक्षक, लिपिक और भृत्य की जानकारी लेकर कार्रवाई करने के निर्देशों पर चर्चा हुई। निजी विद्यालयों के सतत निरीक्षण और शासन की योजनाओं का पालन सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा बैगलेस डे में नवाचार, एक्शन प्लान के क्रियान्वयन, शनिवार को कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यालयों का निर्धारित सुबह 10 से शाम 4 बजे तक संचालन, विद्यार्थियों में धारा प्रवाह हिंदी पठन तथा 25 तक पहाड़ा सीखने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। युक्तियुक्तकरण के बाद मर्ज किए गए विद्यालयों के नामकरण, दिव्यांग छात्रवृत्ति और बस्तर मुन्ने नियत नेल्लानार की प्रगति की जानकारी भी ली गई।
किचन गार्डन और सेवा संकल्प अभियान पर भी जोर
बैठक में किचन गार्डन से छूटे विद्यालयों में इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, सेवा संकल्प के तहत 1 और 3 अक्टूबर को विकासखंड एवं जिला स्तर पर आयोजित होने वाली चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा हुई। कक्षा तीसरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा अपने पालकों को निमंत्रण पत्र लिखे जाने की पहल पर भी चर्चा की गई।
विद्यालयों के नियमित निरीक्षण तथा संकुल संस्थाओं, संस्था प्रमुख, सीएसी और शिक्षकों की जानकारी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए गूगल शीट तैयार करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।


