नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा पर एबीवीपी का उभार: खैरागढ़ में पुतला दहन, युवाओं ने कहा—अब विकास की नई दिशा
खैरागढ़ | देशभर में नक्सलवाद की समाप्ति को लेकर केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च को की गई घोषणा के बाद विभिन्न संगठनों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की खैरागढ़ इकाई ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए नक्सलवाद का पुतला दहन कर अपना आक्रोश और समर्थन दोनों प्रकट किया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नक्सलवाद के विरोध में जमकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने इसे देश की एकता, अखंडता और समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उनका कहना था कि वर्षों से देश के कई हिस्सों में नक्सलवाद विकास की राह में बाधा बना हुआ था, जिससे अब मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
नगर मंत्री ऋतिक कंडरा ने अपने संबोधन में कहा कि 31 मार्च की घोषणा देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “सरकार की दृढ़ नीति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और जनता के सहयोग से यह संभव हो सका है। यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति और संकल्प का प्रतीक है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हर्ष वर्मा ने भी इस अवसर पर कहा कि नक्सलवाद का अंत देश के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा, “अब वे क्षेत्र, जो लंबे समय से हिंसा और भय के साये में जी रहे थे, वहां विकास की नई रोशनी पहुंचेगी। यह सफलता हमारे सुरक्षा बलों के बलिदान और सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है।”
इस अवसर पर एबीवीपी के अन्य कार्यकर्ता—उत्कर्ष बघेल, गोवर्धन यादव, विनय साहू, चित्रसेन साहू, सौरभ जागेश्वर, पारस, संदीप, हर्षित, वैभव यादव और रूपेश सहित कई युवा मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में राष्ट्रहित में कार्य करने और देश को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया कि नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से मुक्त होकर देश अब शांति, सुरक्षा और विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा, जिसमें युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।



